सर्वार्थ सिद्धि योग हर समय नहीं होता है शुभ, जानें कब कब होता है अशुभ: Sarvartha Siddhi Yoga 2023

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Sarvartha Siddhi Yoga 2023: हमारे जीवन में ग्रह नक्षत्रों का विशेष महत्व होता है। सनातन धर्म में कोई भी मांगलिक कार्य ग्रह नक्षत्रों के अनुसार शुभ घड़ी देखकर ही किया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंचांग में से ग्रह नक्षत्रों की गणना के आधार पर शुभ मुहूर्त तय करते हैं, ऐसे में कई शुभ योग भी बनते हैं। सभी योग का अपना महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसे योग में कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि पंचांग में हर दिन कई योगों का निर्माण होता है। यह योग बेहद ही शुभ माने जाते हैं, जिसमें शुभ लाभ के कार्य किए जा सकते हैं। इन सभी योगों में से सर्वार्थ सिद्धि बेहद ही महत्वपूर्ण रहता है। सर्वार्थ सिद्धि योग बनने से कई शुभ परिणाम मिलते हैं। परंतु, कुछ स्थिति में सर्वार्थ सिद्धि से अशुभ फल भी प्राप्त हो सकते हैं। तो आइये समझते हैं सर्वार्थ सिद्धि योग के बारे में कि कब इसके शुभ तो कब अशुभ परिणाम देखने को मिलते हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वार में पड़ने वाले विशेष नक्षत्रों की स्थिति से कई संयोग बनते हैं, जिसे सर्वार्थ सिद्धि योग कहा जाता है। हर वार को यह अलग ग्रह नक्षत्रों की स्थिति से बनता है। सेामवार को रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा और श्रवण नक्षत्र की स्थिति बनने से इसका प्रभाव बढ़ जाता है। यूं तो सर्वार्थ सिद्धि योग शुभ होता है, इस समय कार्य करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। पंडित जी बताते हैं कि सर्वार्थ सिद्धि योग में कोई कार्य प्रारंभ किया जाता है तो उसके शुभ फल प्राप्त होते हैं। अगर कोई विशेष मुहुर्त नहीं मिलता तो उस स्थिति में इस योग में शुभ,लाभ,अमृत की चौघड़िया के समावेश में कार्य किए जा सकते हैं। परंतु, अगर द्वितीया और एकादशी तिथि होने की स्थिति में यह सर्वार्थ सिद्धि योग अशुभ फल देने लगता है।

कब होता है अशुभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, द्वितीया या एकादशी के दिन बनने वाले सर्वार्थ सिद्धि योग को शुभ नहीं माना जाता है। यदि सर्वार्थ सिद्धि योग मंगलवार या शनिवार को बनता है तो उस समय लोहा खरीदना शुभ नहीं होता है। इसी तरह सर्वार्थ सिद्धि योग में विवाह करना भी अशुभ माना जाता है। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग में यात्रा करना, गृह प्रवेश करना भी शुभ नहीं माना गया है। अगर गुरु पुष्य योग से सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण होता है तो भी यह शुभ नहीं माना जाता है।

मई में कब कब है सर्वार्थ सिद्धि योग

साल 2023 में 162 सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण रहेगा। अगर बात करे मई महीने की तो इस महीने 8 सर्वार्थ सिद्धि योग बने हैं। जिसमें 3 मई, 12 मई, 16 मई, 18 मई, 20 मई, 22 मई, 25 मई और 29 मई को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

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नवीन कुमार पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। राजस्थान पत्रिका से इनकी शुरुआत हुईं। इसके बाद ईटीवी भारत जैसे मीडिया संस्थाओं में काम किया। अब गुड यू (goodyou.in) मीडिया वेबसाइट के साथ जुड़े हुए हैं।
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