पूजा सामग्री में जरूर शामिल करें ये 7 तरह के पत्ते, भगवान शिव की बरसेगी कृपा: Lord Shiva Puja Vidhi

Naveen Kumar
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Lord Shiva Puja Vidhi: भगवान शिव को देवों के देव कहा गया है। भगवान शिव की भक्ति के लिए सोमवार का दिन विशेष रहता है। जो भी भक्त भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। भगवान शिव बड़े ही भोले हैं, उनका एक नाम भोलेनाथ भी है। इसलिए महादेव अपने भक्तों की सच्ची पुकार सुनकर ही कृपा बरसा देते हैं। ज्योतिष शास्त्रों में उल्लेख है कि शिवलिंग पर जलाभिषेक करने और शिवजी को उनके प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से पूजा का दोगुना लाभ प्राप्त होता है। शास्त्रों में ऐसे ही कुछ पेड़ के पत्तों के बारे में बताया गया है, जो भगवान शिव को अति प्रिय है। इन पत्तों को पूजन सामग्री में शामिल करने से शंकर भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पूजा का दोगुना फल मिलता है। तो चलिए पंडित इंद्रमणि घनस्याल से जानते हैं भगवान शिव की पूजा में कौनसे पत्तों को शामिल करना शुभ फलदायी होता है।

भगवान शिव की पूजा में शामिल करें ये पत्ते

भगवान शिव की पूजा के समय कुछ पत्ते चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भगवान शिव को शमी के पत्ते बेहद ही प्रिय हैं। इसलिए शिव की पूजा में शमी के पत्ते जरूर शामिल करें। इसी तरह अपामार्ग के पौधे के पत्ते भी शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं। इससे जीवन में सुख—समृद्धि बनी रहती है। पीपल के पत्ते भी शिवजी को अर्पित कर सकते हैं। सोमवार के दिन भगवान शिव के साथ पीपल के पेड़ की भी पूजा करनी चाहिए। भगवान शिव को धतुरा भी बेहद प्रिय है। मनोवांछित फल पाने के लिए आप भगवान शिव को धतुरा अर्पित कर सकते हैं। धतुरा के साथ भांग भी शिव को चढ़ा सकते हैं। इससे भोलेनाथ की कृपा सदैव आप पर बनी रहेगी। इसके अलावा दुर्वा, बांस और आंकड़े का पत्ता भी शिवजी को चढ़ाना शुभ माना जाता है। इससे आपकी हर मनोकामना पूरी होती है ओर जीवन में सुख—शांति बनी रहती है।

इन बातों का रखें ध्यान

ज्योतिषियों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा से सभी रोगों व दोषों का भी निवारण होता है। अगर आपकी कुंडली में शनिदोष है तो आप भगवान शिव को जल में काले तिल डालकर अर्पित करें। साथ में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे शनिदोष दूर हो जाता है और जीवन में सुख—शांति बनी रहती है। शिवजी की पूजा के समय ध्यान रखें कि रोली व कुमकुम का प्रयोग नहीं होना चाहिए। शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय रोली ना चढ़ाएं। इसी तरह शिवजी की पूजा में हल्दी का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव नाराज हो सकते हैं। इसी तरह शंकर भगवान को तुलसी अर्पित करना वर्जित होता है। साथ में केतकी और केवड़े का फूल भी शिवजी को अर्पित नहीं करना चाहिए।

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नवीन कुमार पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। राजस्थान पत्रिका से इनकी शुरुआत हुईं। इसके बाद ईटीवी भारत जैसे मीडिया संस्थाओं में काम किया। अब गुड यू (goodyou.in) मीडिया वेबसाइट के साथ जुड़े हुए हैं।
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